
बार-बार छींक क्यों आती है? एलर्जी या कोई बीमारी, जानिए 8 बड़े कारण और बचाव
बार-बार छींक आना एक सामान्य समस्या है। कई बार धूल, मिट्टी, तेज खुशबू या मौसम में बदलाव के कारण लगातार छींक आने लगती है और कुछ समय बाद यह अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन अगर आपको रोजाना या लंबे समय तक बार-बार छींक आती है, साथ में नाक बहती है, नाक में खुजली होती है या आंखों से पानी आता है, तो इसके पीछे एलर्जी एक प्रमुख कारण हो सकती है।
वहीं वायरल सर्दी-जुकाम, नाक की संवेदनशीलता, धुआं और प्रदूषण जैसी स्थितियां भी छींक आने की वजह बन सकती हैं। इसलिए केवल छींक आने से यह मान लेना सही नहीं है कि व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी है।
आइए जानते हैं कि बार-बार छींक आने के प्रमुख कारण क्या हैं, एलर्जी और सर्दी-जुकाम में कैसे अंतर करें और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
छींक क्यों आती है?
छींक शरीर की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है। जब धूल, परागकण, धुआं, वायरस या कोई अन्य उत्तेजक पदार्थ नाक के अंदर की संवेदनशील सतह को परेशान करता है, तो शरीर उसे बाहर निकालने के लिए अचानक हवा बाहर निकालता है।
कभी-कभार छींक आना सामान्य है। समस्या तब मानी जाती है जब छींक बहुत बार आए, लंबे समय तक बनी रहे या रोजमर्रा के काम प्रभावित करने लगे।
बार-बार छींक आने के 8 प्रमुख कारण
1. एलर्जी
बार-बार छींक आने की सबसे आम वजहों में से एक एलर्जी है। धूल, घर में मौजूद धूल के कण, परागकण, पालतू जानवरों से जुड़े एलर्जेन और कुछ अन्य पदार्थ संवेदनशील लोगों में एलर्जी की प्रतिक्रिया पैदा कर सकते हैं।
एलर्जी के कारण होने वाली छींक अक्सर लगातार कई बार आती है। इसके साथ नाक में खुजली, नाक बहना या बंद होना और आंखों में खुजली या पानी आना भी हो सकता है।
अगर किसी खास जगह जाने, धूल के संपर्क में आने या किसी विशेष मौसम में समस्या बार-बार होती है, तो एलर्जी की संभावना पर ध्यान देना चाहिए।
2. एलर्जिक राइनाइटिस
एलर्जिक राइनाइटिस में नाक की अंदरूनी परत किसी एलर्जेन के प्रति प्रतिक्रिया करती है। इसके कारण बार-बार छींक, नाक में खुजली, पानी जैसा नाक बहना और नाक बंद होने की समस्या हो सकती है।
कुछ लोगों में इसके लक्षण मौसम के साथ बढ़ते हैं, जबकि कुछ लोगों को पूरे साल समस्या बनी रह सकती है।
अगर छींक के साथ आंखों में खुजली और पानी भी आता है, तो एलर्जिक राइनाइटिस के साथ आंखों की एलर्जी भी हो सकती है।
3. सर्दी-जुकाम
वायरल सर्दी-जुकाम में भी छींक आ सकती है। हालांकि इसमें छींक के साथ गले में खराश, खांसी, नाक बंद होना, नाक बहना, सिर भारी लगना या हल्का बुखार जैसे लक्षण हो सकते हैं।
एलर्जी और सर्दी-जुकाम में एक अंतर यह है कि वायरल संक्रमण आम तौर पर कुछ समय में ठीक हो जाता है, जबकि एलर्जी के लक्षण किसी विशेष एलर्जेन के संपर्क में आने पर बार-बार वापस आ सकते हैं।
4. धूल और मिट्टी
धूल के संपर्क में आने के बाद छींक आना काफी सामान्य है। धूल नाक की संवेदनशील सतह को उत्तेजित करती है और शरीर छींक के जरिए उसे बाहर निकालने की कोशिश करता है।
अगर घर की सफाई, सड़क की धूल या निर्माण स्थल के आसपास जाने पर आपको लगातार छींक आती है, तो धूल से होने वाली जलन या एलर्जी इसका कारण हो सकती है।
धूल वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल और कमरे की नियमित सफाई कुछ लोगों में लक्षण कम करने में मदद कर सकती है।
5. धुआं और वायु प्रदूषण
सिगरेट का धुआं, वाहन का धुआं, कूड़ा जलने का धुआं और वायु प्रदूषण नाक और श्वसन तंत्र में जलन पैदा कर सकते हैं।
संवेदनशील लोगों में इसके संपर्क के बाद छींक, नाक बहना, गले में जलन या खांसी हो सकती है।
इसलिए जहां संभव हो, धुएं और प्रदूषित हवा के सीधे संपर्क से बचना बेहतर है।
6. तेज खुशबू और परफ्यूम
कुछ लोगों की नाक तेज गंध के प्रति बहुत संवेदनशील होती है। परफ्यूम, अगरबत्ती, कमरे में इस्तेमाल होने वाले फ्रेशनर, पेंट या कुछ रासायनिक पदार्थों की गंध से छींक आने लग सकती है।
यह जरूरी नहीं कि हर बार ऐसी प्रतिक्रिया एलर्जी के कारण ही हो। कभी-कभी नाक की संवेदनशीलता या जलन भी इसका कारण हो सकती है।
7. मौसम में अचानक बदलाव
तापमान या मौसम में अचानक बदलाव से कुछ लोगों को बार-बार छींक आने लगती है। ठंडी हवा में जाने, गर्म कमरे से अचानक ठंडे वातावरण में आने या मौसम बदलने के दौरान नाक की संवेदनशीलता बढ़ सकती है।
ऐसे मामलों में छींक के साथ नाक बहना या नाक बंद होना भी हो सकता है।
8. नॉन-एलर्जिक राइनाइटिस
हर बार बार-बार छींक आने का कारण एलर्जी नहीं होता। कुछ लोगों में नाक की नसें और अंदरूनी परत धूल, धुआं, तेज गंध, ठंडी हवा या मौसम में बदलाव जैसे उत्तेजकों के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं।
इसे नॉन-एलर्जिक राइनाइटिस कहा जाता है। इसमें छींक और नाक बहने जैसे लक्षण एलर्जी के समान हो सकते हैं, लेकिन किसी खास एलर्जेन की वजह जरूरी नहीं होती।
एलर्जी की छींक और सर्दी-जुकाम की छींक में अंतर कैसे करें?
दोनों स्थितियों के लक्षण एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन कुछ संकेत अंतर समझने में मदद कर सकते हैं।
एलर्जी में:
- बार-बार छींक आना
- नाक में खुजली
- आंखों में खुजली और पानी
- पानी जैसा नाक बहना
- किसी विशेष मौसम या धूल के संपर्क में समस्या बढ़ना
- आमतौर पर बुखार नहीं होना
सर्दी-जुकाम में:
- छींक के साथ गले में खराश
- खांसी
- नाक बंद या बहना
- शरीर में थकान
- कभी-कभी बुखार
- लक्षण कुछ दिनों में धीरे-धीरे कम होना
हालांकि हर व्यक्ति में लक्षण एक जैसे नहीं होते। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी हो सकती है।
बार-बार छींक आने पर क्या करें?
अगर छींक धूल, धुएं या किसी विशेष गंध के संपर्क के बाद आती है, तो सबसे पहले उस कारण से बचने की कोशिश करें।
घर की धूल साफ करते समय जरूरत के अनुसार मास्क पहन सकते हैं। बिस्तर, तकिए और चादर की नियमित सफाई भी उपयोगी हो सकती है।
अगर बाहर प्रदूषण या धूल अधिक हो, तो बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है।
नाक में किसी तरह की दवा या घरेलू पदार्थ बिना सलाह के न डालें। बार-




