सुबह उठते ही गला सूखता है? शरीर दे रहा हो सकता है ये संकेत
सुबह उठते ही गला सूखने के क्या हैं कारण? जानिए 8 वजहें और आसान उपाय
सुबह नींद से उठते ही अगर आपका गला सूखा हुआ महसूस होता है, मुंह में चिपचिपापन रहता है या पानी पीने के बाद ही राहत मिलती है, तो इसे हमेशा सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार रात में मुंह खोलकर सोने, शरीर में पानी की कमी या कमरे की सूखी हवा के कारण सुबह गला सूख सकता है। वहीं, कुछ लोगों में खर्राटे, नाक बंद रहने, एसिड रिफ्लक्स या कुछ दवाओं के कारण भी यह समस्या हो सकती है।
कभी-कभार सुबह गला सूखना आम बात हो सकती है, लेकिन अगर यह समस्या लगातार रोजाना हो रही है, साथ में खर्राटे, गले में दर्द, जलन, अत्यधिक प्यास या निगलने में परेशानी जैसे लक्षण भी हैं, तो इसके पीछे किसी अन्य कारण की जांच जरूरी हो सकती है।
आइए जानते हैं कि सुबह उठते ही गला सूखने के प्रमुख कारण क्या हैं और इससे राहत पाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सुबह उठते ही गला सूखने के प्रमुख कारण
1. रात में मुंह खोलकर सोना
सुबह गला सूखने का सबसे आम कारणों में से एक रात में मुंह से सांस लेना है। सामान्य स्थिति में हम नाक से सांस लेते हैं, लेकिन नाक बंद होने या सोते समय मुंह खुला रहने पर हवा सीधे मुंह और गले से होकर गुजरती है।
इससे गले की नमी कम हो सकती है और सुबह उठने पर गला सूखा, खराश वाला या चिपचिपा महसूस हो सकता है।
अगर आपको सुबह के समय मुंह भी बहुत सूखा मिलता है, तो रात में मुंह से सांस लेने की संभावना हो सकती है।
2. नाक बंद होना और एलर्जी
सर्दी-जुकाम, धूल से एलर्जी, नाक में सूजन या अन्य कारणों से अगर रात में नाक से सांस लेने में परेशानी होती है, तो व्यक्ति अनजाने में मुंह से सांस लेने लगता है।
इसके कारण सुबह गला सूखने के साथ नाक बंद, छींक, नाक बहना या गले में खराश की समस्या भी हो सकती है।
अगर नाक अक्सर बंद रहती है, तो केवल गले का इलाज करने के बजाय नाक बंद होने के कारण का पता लगाना भी जरूरी है।
3. शरीर में पानी की कमी
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीना भी सुबह गला सूखने की वजह बन सकता है। शरीर में पानी की कमी होने पर मुंह में लार कम बनने और गले में सूखापन महसूस होने की संभावना बढ़ सकती है।
बहुत ज्यादा पसीना निकलना, गर्म मौसम, व्यायाम या कम पानी पीने की आदत से यह समस्या बढ़ सकती है।
इसलिए पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। हालांकि पानी की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।
4. कमरे की हवा बहुत सूखी होना
अगर आप रात में लगातार एसी या पंखे के सामने सोते हैं या कमरे की हवा बहुत शुष्क है, तो इससे नाक, मुंह और गले की नमी कम हो सकती है।
ऐसे में सुबह उठने पर गले में सूखापन, हल्की खराश या मुंह सूखा लग सकता है।
अगर कमरे में हवा बहुत शुष्क रहती है, तो वातावरण में नमी बनाए रखने के उपाय किए जा सकते हैं।
5. खर्राटे लेना
रात में तेज खर्राटे लेने वाले लोगों में मुंह से सांस लेने की संभावना अधिक हो सकती है। इसके कारण सुबह उठते ही मुंह और गला सूखा महसूस हो सकता है।
अगर किसी व्यक्ति को लगातार तेज खर्राटे आते हैं, नींद में सांस रुकने जैसी स्थिति होती है, रात में बार-बार नींद खुलती है या दिन में बहुत ज्यादा नींद आती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
कुछ मामलों में ये लक्षण स्लीप एपनिया जैसी नींद संबंधी समस्या से जुड़े हो सकते हैं।
6. एसिड रिफ्लक्स
कुछ लोगों में रात के समय पेट का एसिड भोजन नली की ओर वापस आने से गले में जलन और असहजता हो सकती है। इसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है।
इसमें सुबह गला सूखने के साथ गले में जलन, खट्टी डकार, मुंह में खट्टा स्वाद, बार-बार गला साफ करने की इच्छा या आवाज में भारीपन महसूस हो सकता है।
अगर रात में खाना खाने के तुरंत बाद सोने की आदत है, तो कुछ लोगों में रिफ्लक्स की समस्या बढ़ सकती है।
7. कुछ दवाओं का प्रभाव
कुछ दवाओं के कारण मुंह में लार का उत्पादन कम हो सकता है और इससे मुंह तथा गले में सूखापन महसूस हो सकता है।
एलर्जी, सर्दी-जुकाम, दर्द, ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं में यह दुष्प्रभाव हो सकता है।
अगर किसी दवा को शुरू करने के बाद लगातार मुंह या गला सूखने लगा है, तो दवा अपने आप बंद न करें। डॉक्टर या फार्मासिस्ट से इसके संभावित दुष्प्रभाव के बारे में बात करें।
8. मुंह का सूखापन यानी Dry Mouth
अगर सुबह गला सूखने के साथ दिन में भी बार-बार पानी पीने की जरूरत महसूस होती है, मुंह में लार कम लगती है या खाना निगलने में परेशानी होती है, तो यह ड्राई माउथ यानी मुंह में पर्याप्त लार न बनने की समस्या हो सकती है।
लगातार मुंह सूखने से दांतों और मसूड़ों की सेहत भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए लंबे समय तक रहने वाली समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सुबह गला सूखने पर क्या करें?
अगर समस्या हल्की और कभी-कभार होती है, तो कुछ सामान्य उपाय मदद कर सकते हैं।
दिनभर पर्याप्त पानी पिएं
प्यास लगने का इंतजार करने के बजाय पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें। गर्मी या अधिक शारीरिक गतिविधि के दौरान शरीर को अधिक पानी की जरूरत हो सकती है।
सोने से पहले कमरे का वातावरण देखें
बहुत शुष्क कमरे में सोने से गले और नाक में सूखापन बढ़ सकता है। कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें और जरूरत के अनुसार हवा में नमी बनाए रखने के उपाय किए जा सकते हैं।
नाक बंद रहने का कारण समझें
अगर नाक अक्सर बंद रहती है, तो एलर्जी, सर्दी-जुकाम या अन्य कारण हो सकते हैं। बार-बार नाक बंद रहने की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
सोने की आदतों पर ध्यान दें
अगर आपको खर्राटे आते हैं या मुंह खोलकर सोने की आदत है, तो इसकी वजह जानना जरूरी है। लगातार खर्राटे और नींद में सांस रुकने जैसी समस्या होने पर चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
रात में बहुत भारी भोजन से बचें
अगर गला सूखने के साथ एसिडिटी या खट्टी डकार की समस्या होती है, तो रात में बहुत भारी भोजन करने और भोजन के तुरंत बाद लेटने से बचना उपयोगी हो सकता है।



