आंखों में जलन और बार-बार पानी आता है? जानिए इसकी 7 बड़ी वजहें
आंखों में जलन और पानी आने के क्या हैं कारण? जानिए 7 प्रमुख वजहें और बचाव के आसान उपाय
आंखों में जलन होना और बार-बार पानी आना एक आम समस्या है। कई लोगों को धूल, धुआं, तेज हवा या लंबे समय तक मोबाइल और कंप्यूटर देखने के बाद आंखों में जलन महसूस होती है। कुछ मामलों में आंखों से लगातार पानी आने के साथ लालिमा, खुजली, चुभन या धुंधला दिखाई देने की समस्या भी हो सकती है।
आंखों से पानी आना हमेशा आंखों में अधिक नमी होने का संकेत नहीं होता। ड्राई आई यानी आंखों का सूखापन भी कई बार आंखों से ज्यादा पानी आने का कारण बन सकता है। आंख की सतह में जलन होने पर शरीर प्रतिक्रिया के रूप में अतिरिक्त आंसू बना सकता है।
इसलिए अगर आंखों में जलन और पानी आने की समस्या बार-बार हो रही है, तो इसके कारण को समझना जरूरी है।
आंखों में जलन और पानी आने के प्रमुख कारण
1. ड्राई आई यानी आंखों में सूखापन
आंखों में पर्याप्त आंसू न बनने या आंसुओं की गुणवत्ता ठीक न होने पर ड्राई आई की समस्या हो सकती है। इसमें आंखों में जलन, चुभन, किरकिरापन और थकान महसूस हो सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि ड्राई आई में आंखों से पानी भी आ सकता है। आंख की सतह में जलन होने पर शरीर अचानक ज्यादा आंसू बनाता है, लेकिन ये आंसू आंखों की सामान्य नमी को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं होते।
लंबे समय तक मोबाइल, टीवी या कंप्यूटर देखने के दौरान पलकें कम झपकने से भी आंखों में सूखापन और परेशानी बढ़ सकती है।
2. आंखों की एलर्जी
अगर आंखों में जलन के साथ तेज खुजली और पानी आता है, तो एलर्जी एक संभावित कारण हो सकती है। धूल, परागकण, पालतू जानवरों की रूसी, प्रदूषण, कॉस्मेटिक्स और कुछ अन्य पदार्थ आंखों में एलर्जी पैदा कर सकते हैं।
एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस में अक्सर दोनों आंखें प्रभावित होती हैं और आंखें लाल, पानीदार तथा खुजली वाली हो सकती हैं।
ऐसी स्थिति में आंखों को बार-बार रगड़ने से समस्या और बढ़ सकती है।
3. कंजंक्टिवाइटिस
कंजंक्टिवाइटिस को आम भाषा में आंख आना या पिंक आई भी कहा जाता है। यह संक्रमण या एलर्जी के कारण हो सकता है।
इसमें आंखों में लालिमा, जलन, किरकिरापन, पानी आना और कभी-कभी चिपचिपा या पस जैसा डिस्चार्ज हो सकता है। वायरल, बैक्टीरियल और एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण और उपचार अलग-अलग हो सकते हैं।
अगर आंखों से चिपचिपा स्राव निकल रहा है या समस्या लगातार बनी हुई है, तो आंखों के डॉक्टर से जांच कराना उचित है।
4. धूल, धुआं और प्रदूषण
धूल और धुआं आंखों की सतह को परेशान कर सकते हैं। प्रदूषण, तेज हवा और ठंडी हवा के संपर्क में आने पर भी आंखों से पानी आना सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है।
खासकर बाइक चलाते समय बिना सुरक्षात्मक चश्मे के धूल और हवा सीधे आंखों में जाने से जलन बढ़ सकती है।
5. आंख में धूल या कोई बाहरी कण चले जाना
कभी-कभी आंख में धूल का कण, पलक या छोटा बाहरी पदार्थ फंस जाने से अचानक जलन और पानी आने लगता है। ऐसा होने पर आंख में कुछ चुभने या फंसे होने जैसा महसूस हो सकता है।
ऐसी स्थिति में आंख को जोर से रगड़ना नहीं चाहिए। अगर कोई वस्तु आंख में फंस गई है, दिखाई नहीं दे रही है या निकालने के बाद भी दर्द और पानी आना जारी है, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
6. आंसू की नली में रुकावट
आंखों में बनने वाले आंसू सामान्य रूप से छोटी नलियों के जरिए नाक की ओर निकलते हैं। इन नलियों में रुकावट होने पर आंसू आंखों से बाहर निकलने लगते हैं और आंखों में लगातार पानी आने की शिकायत हो सकती है।
अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबे समय तक सिर्फ एक आंख से पानी आता रहता है, तो नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना उपयोगी हो सकता है।
7. पलकों या आंख की सतह से जुड़ी समस्या
पलकों की कुछ समस्याएं, आंखों की सतह में जलन और ब्लेफेराइटिस जैसी स्थितियां भी आंखों में जलन, लालिमा, किरकिरापन और पानी आने का कारण बन सकती हैं।
ऐसे मामलों में केवल पानी आने का इलाज करने के बजाय मूल कारण का पता लगाना जरूरी होता है।
आंखों में जलन और पानी आने पर क्या करें?
अगर समस्या हल्की है और कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं, तो कुछ सामान्य सावधानियां मदद कर सकती हैं।
आंखों को रगड़ने से बचें। बार-बार आंख रगड़ने से जलन और एलर्जी बढ़ सकती है।
धूल और धुएं से बचें। बाहर निकलते समय जरूरत के अनुसार चश्मे का इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्क्रीन से बीच-बीच में ब्रेक लें। लंबे समय तक लगातार मोबाइल या कंप्यूटर देखने के बजाय नियमित अंतराल पर आंखों को आराम दें।
कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल रोक दें, अगर आंखें लाल, दर्दनाक या पानीदार हैं, और नेत्र विशेषज्ञ की सलाह लें।
ठंडी पट्टी से राहत मिल सकती है। एलर्जी या हल्की जलन में कुछ मिनट के लिए साफ ठंडी पट्टी आंखों पर रखने से असहजता कम हो सकती है।
किसी दूसरे व्यक्ति की आई ड्रॉप इस्तेमाल न करें और बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड वाली आई ड्रॉप शुरू न करें।
आंखों में पानी आने पर कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर आंखों से लगातार पानी आता है और इससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं, तो नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए।
इसके अलावा नीचे दिए गए लक्षणों में देरी नहीं करनी चाहिए—
- आंखों में तेज दर्द हो
- नजर धुंधली हो या अचानक कम दिखाई देने लगे
- रोशनी देखने में बहुत परेशानी हो
- आंख बहुत ज्यादा लाल हो जाए
- आंख में चोट लगी हो
- आंख में कोई वस्तु फंस गई हो
- कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले व्यक्ति को आंख में दर्द या नजर में बदलाव हो
- तेज सिरदर्द के साथ आंख लाल हो और जी मिचलाए
तेज दर्द, नजर में बदलाव या गंभीर चोट जैसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
क्या आंखों में जलन और पानी आना हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत है?
नहीं। कई बार यह समस्या धूल, धुआं, हवा, एलर्जी या आंखों के अस्थायी सूखेपन के कारण होती है और कुछ समय में ठीक हो सकती है।
लेकिन लगातार या बार-बार होने वाली समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर दर्द, बहुत ज्यादा लालिमा या नजर में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें तो स्वयं इलाज करने के बजाय नेत्र विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. आंखों में जलन और पानी आने का सबसे आम कारण क्या है?
इसके कई कारण हो सकते हैं। ड्राई आई, एलर्जी, कंजंक्टिवाइटिस, धूल-धुआं और आंख में बाहरी कण इसके सामान्य कारणों में शामिल हैं।
2. क्या ड्राई आई में आंखों से पानी आ सकता है?
हां। आंख की सतह में सूखापन और जलन होने पर शरीर प्रतिक्रिया के रूप में अतिरिक्त आंसू बना सकता है।
3. आंखों में जलन होने पर क्या आंखें रगड़नी चाहिए?
नहीं। आंखों को रगड़ने से जलन और एलर्जी बढ़ सकती है। साफ पानी से आंखों को धोने या चिकित्सकीय सलाह लेने का विकल्प बेहतर है।
4. आंखों से पानी के साथ खुजली हो तो क्या कारण हो सकता है?
खुजली, लालिमा और पानी आने की समस्या एलर्जी से जुड़ी हो सकती है। हालांकि सही कारण जानने के लिए लक्षणों और आंखों की जांच जरूरी हो सकती है।
5. आंखों में जलन कब गंभीर मानी जाती है?
अगर जलन के साथ तेज दर्द, नजर में बदलाव, अत्यधिक लालिमा, रोशनी से परेशानी या आंख में चोट हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
आंखों में जलन और पानी आने की समस्या सामान्य होने के बावजूद इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। धूल-धुआं और एलर्जी से लेकर ड्राई आई, कंजंक्टिवाइटिस और आंसू की नली में रुकावट तक कई स्थितियां इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।
अगर समस्या कभी-कभार और हल्की है तो आंखों को आराम देना, धूल-धुएं से बचना और आंखों को न रगड़ना मददगार हो सकता है। लेकिन लगातार पानी आने, तेज दर्द, बहुत ज्यादा लालिमा या नजर में बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षणों में नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह किसी बीमारी का व्यक्तिगत निदान या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। आंखों से जुड़ी गंभीर या लगातार समस्या होने पर योग्य नेत्र चिकित्सक से परामर्श लें।



