फूड पॉइजनिंग से बचाव: 10 आसान उपाय, ऐसे रखें खुद को सुरक्षित
फूड पॉइजनिंग से बचाव: खाना हमारी सेहत के लिए जरूरी है, लेकिन अगर भोजन दूषित, बासी या ठीक तरीके से पकाया और रखा नहीं गया हो तो यही खाना बीमारी का कारण बन सकता है। दूषित भोजन में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी, विषैले पदार्थ या अन्य हानिकारक तत्व शरीर में पहुंचकर फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) का कारण बन सकते हैं।
फूड पॉइजनिंग होने पर अचानक पेट दर्द, उल्टी, दस्त, मितली और कमजोरी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। गर्मी और बरसात के मौसम में भोजन और पानी के दूषित होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए खाने की साफ-सफाई और सही तरीके से स्टोरेज पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार सुरक्षित भोजन के लिए पांच प्रमुख बातों का ध्यान रखना चाहिए—सफाई रखना, कच्चे और पके भोजन को अलग रखना, भोजन को अच्छी तरह पकाना, सुरक्षित तापमान पर रखना और सुरक्षित पानी व कच्ची सामग्री का इस्तेमाल करना।
क्या है फूड पॉइजनिंग?
दूषित भोजन या पेय पदार्थ खाने-पीने से होने वाली बीमारी को आमतौर पर फूड पॉइजनिंग या खाद्य विषाक्तता कहा जाता है। भोजन में हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी, रसायन या विषैले पदार्थ मौजूद हो सकते हैं।
कई बार भोजन देखने और सूंघने में बिल्कुल सामान्य लगता है, लेकिन उसमें बीमारी फैलाने वाले सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं। इसलिए केवल भोजन का स्वाद या गंध देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि वह सुरक्षित है।
फूड पॉइजनिंग के सामान्य लक्षण
फूड पॉइजनिंग के लक्षण दूषित भोजन के कारण और व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्य तौर पर इनमें शामिल हैं—
- पेट में दर्द या ऐंठन
- बार-बार दस्त होना
- उल्टी और मितली
- कमजोरी और थकान
- भूख कम लगना
- बुखार
- शरीर में पानी की कमी
- सिरदर्द
यदि लगातार उल्टी या दस्त हो रहे हों और शरीर में पानी की कमी के संकेत दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
फूड पॉइजनिंग से बचने के 10 आसान तरीके
1. खाना बनाने से पहले हाथ जरूर धोएं
खाना बनाने और खाने से पहले हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना सबसे महत्वपूर्ण आदतों में से एक है। कच्चा मांस, चिकन, मछली, अंडा या आटा छूने के बाद भी हाथ धोना चाहिए।
CDC के अनुसार भोजन तैयार करने से पहले, दौरान और बाद में हाथ धोना चाहिए और हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से साफ करना चाहिए।
2. कच्चे और पके भोजन को अलग रखें
कच्चे मांस, चिकन, मछली और अंडे में मौजूद हानिकारक सूक्ष्मजीव दूसरे खाद्य पदार्थों तक पहुंच सकते हैं। इसे क्रॉस-कंटैमिनेशन कहा जाता है।
इसलिए कच्चे और पके भोजन के लिए अलग चाकू और कटिंग बोर्ड का इस्तेमाल करना बेहतर है। कच्चे खाद्य पदार्थों को फ्रिज में भी अलग और बंद कंटेनर में रखें।
3. भोजन को अच्छी तरह पकाएं
अधपका भोजन फूड पॉइजनिंग का बड़ा कारण बन सकता है। खासकर मांस, चिकन, मछली और अंडे को अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए।
भोजन को अच्छी तरह पकाने से उसमें मौजूद कई हानिकारक सूक्ष्मजीव नष्ट हो सकते हैं। WHO भी भोजन को अच्छी तरह पकाने को सुरक्षित भोजन के पांच प्रमुख नियमों में शामिल करता है।
4. बासी और संदिग्ध भोजन से बचें
ऐसा भोजन जिसकी गंध, स्वाद या बनावट बदल गई हो, उसे खाने से बचना चाहिए। लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा हुआ पका भोजन भी जोखिम बढ़ा सकता है।
खासकर गर्म मौसम में पके भोजन को लंबे समय तक बाहर रखने के बजाय उचित तरीके से ठंडा करके फ्रिज में रखना चाहिए।
5. पीने के लिए साफ पानी का इस्तेमाल करें
दूषित पानी भी फूड-बोर्न बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए पीने, खाना बनाने और बर्फ बनाने के लिए साफ और सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करें।
अगर पानी की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो उसे उचित तरीके से उबालकर या सुरक्षित जल स्रोत से प्राप्त करके इस्तेमाल करना चाहिए।
6. फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोएं
बाजार से लाई गई फल और सब्जियों को सीधे खाने के बजाय बहते साफ पानी में अच्छी तरह धोना चाहिए। CDC भी ताजे फल और सब्जियों को बहते पानी में धोने की सलाह देता है।
विशेष रूप से ऐसी सब्जियों और फलों पर ध्यान दें जिन्हें कच्चा खाया जाता है।
7. फ्रिज का सही इस्तेमाल करें
फ्रिज में रखने से भोजन हमेशा सुरक्षित नहीं हो जाता। भोजन को सही तरीके से ढककर और उचित तापमान पर रखना जरूरी है।
कच्चे मांस और अन्य खाद्य पदार्थों को अलग रखें ताकि उनका रस दूसरे खाने पर न गिरे। तैयार भोजन को भी खुले में रखने के बजाय साफ और ढके हुए कंटेनर में रखें।
8. स्ट्रीट फूड खाते समय सावधानी बरतें
बाहर का खाना खाते समय साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। ऐसे स्थान पर खाने से बचें जहां—
- भोजन खुला रखा हो
- मक्खियां अधिक हों
- खाना बनाने की जगह गंदी हो
- साफ पानी की व्यवस्था न हो
- कच्चे और पके भोजन को एक साथ रखा गया हो
- भोजन लंबे समय से खुले में रखा दिखाई दे
खाने का स्वाद अच्छा होना ही उसकी स्वच्छता की गारंटी नहीं है।
9. कच्चे या अधपके खाद्य पदार्थों से सावधान रहें
कच्चा या अधपका मांस, चिकन, मछली और अंडा कुछ खाद्यजनित संक्रमणों का जोखिम बढ़ा सकते हैं। CDC ने इन्हें अधिक जोखिम वाले खाद्य पदार्थों में शामिल किया है।
इसी तरह बिना धुले फल-सब्जियां और कुछ बिना पाश्चुरीकृत खाद्य पदार्थ भी सावधानी की मांग करते हैं।
10. रसोई और बर्तनों की सफाई रखें
साफ रसोई फूड पॉइजनिंग से बचाव की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। चाकू, कटिंग बोर्ड, प्लेट, चम्मच, गैस चूल्हा और खाना बनाने वाली सतहों को नियमित रूप से साफ करें।
WHO के अनुसार हाथों, बर्तनों और भोजन तैयार करने वाली सतहों के जरिए हानिकारक सूक्ष्मजीव एक भोजन से दूसरे भोजन तक पहुंच सकते हैं।
बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
फूड पॉइजनिंग होने पर हर व्यक्ति की स्थिति एक जैसी नहीं होती। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में संक्रमण या डिहाइड्रेशन का असर अधिक गंभीर हो सकता है।
इसलिए इन लोगों को बासी भोजन, संदिग्ध पानी, अधपके खाद्य पदार्थ और अस्वच्छ जगहों पर बने भोजन से विशेष रूप से बचाना चाहिए।
फूड पॉइजनिंग होने पर क्या करें?
यदि फूड पॉइजनिंग के कारण दस्त या उल्टी हो रही है तो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना महत्वपूर्ण है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से ORS का इस्तेमाल किया जा सकता है।
लेकिन केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:
- लगातार उल्टी हो रही हो
- बहुत ज्यादा या लगातार दस्त हो रहे हों
- शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें
- तेज बुखार हो
- मल में खून दिखाई दे
- पेट में बहुत तेज दर्द हो
- मरीज बहुत ज्यादा कमजोर या सुस्त महसूस कर रहा हो
याद रखें WHO के 5 Golden Rules
फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए WHO के पांच प्रमुख नियम आसानी से याद रखे जा सकते हैं—
Clean – साफ रखें
Separate – कच्चे और पके भोजन को अलग रखें
Cook – भोजन अच्छी तरह पकाएं
Keep Safe Temperature – भोजन को सुरक्षित तापमान पर रखें
Safe Water & Raw Materials – सुरक्षित पानी और अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष
फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए किसी खास दवा की नहीं, बल्कि साफ-सफाई, सुरक्षित पानी, सही खाना पकाने और भोजन को उचित तरीके से रखने की आदत की जरूरत होती है। रसोई में छोटी-सी लापरवाही भी दूषित भोजन का कारण बन सकती है।
इसलिए खाना बनाने से पहले हाथ धोएं, कच्चे और पके भोजन को अलग रखें, भोजन अच्छी तरह पकाएं, फल-सब्जियों को साफ पानी से धोएं और बासी या संदिग्ध भोजन खाने से बचें। यही छोटी-छोटी सावधानियां आपको और आपके परिवार को फूड पॉइजनिंग के खतरे से काफी हद तक बचा सकती हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। लगातार उल्टी-दस्त, तेज बुखार, खून वाला दस्त, गंभीर कमजोरी या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लें।




